Dhanteras Shopping Muhurat: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में खुशियों की रौनक बढ़ने लगती है। कोई अपने घर की सजावट में व्यस्त होता है, तो कोई परिवार के लिए नए कपड़े और उपहार खरीदने की तैयारी करता है। लेकिन दिवाली से पहले आने वाला धनतेरस का पर्व अपने आप में बेहद खास माना जाता है। इस दिन नई चीजें खरीदने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि धनतेरस पर घर लाई गई शुभ वस्तुएं परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होती हैं।
आज यानी 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बाजारों में सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहनों की खरीदारी को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। हालांकि, बहुत से लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर धनतेरस पर खरीदारी का सबसे शुभ समय कौन-सा है और इस दिन क्या खरीदना अच्छा माना जाता है?
ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए 6 नवंबर और 7 नवंबर, दोनों दिन शुभ माने जा रहे हैं। इसकी वजह त्रयोदशी तिथि का दोनों दिनों में रहना है। ऐसे में जो लोग आज खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं, उनके पास अगले दिन भी शुभ समय में सामान खरीदने का अवसर रहेगा।
आइए जानते हैं धनतेरस 2026 की त्रयोदशी तिथि, दिन और रात के शुभ चौघड़िया मुहूर्त, खरीदारी के लिए शुभ मानी जाने वाली वस्तुओं और उनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में।
Dhanteras Shopping Muhurat 2026: कब से कब तक रहेगा खरीदारी का शुभ समय?
धनतेरस का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस साल त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 7 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस अवधि में धनतेरस की खरीदारी की जा सकती है। जो लोग 6 नवंबर को खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए दिन में सामान खरीदना शुभ बताया गया है। वहीं 7 नवंबर को खरीदारी करने वालों के लिए सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक का समय बताया गया है।

इसका मतलब है कि अगर किसी वजह से आप 6 नवंबर को बाजार नहीं जा पा रहे हैं, तो 7 नवंबर की सुबह भी खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि, त्रयोदशी तिथि और चौघड़िया मुहूर्त अलग-अलग गणनाओं पर आधारित होते हैं। इसलिए विशेष मुहूर्त में खरीदारी करने वाले लोगों को अपने शहर के स्थानीय पंचांग का समय भी देखना चाहिए।
धनतेरस 2026 की त्रयोदशी तिथि और शुभ मुहूर्त
| विवरण | तारीख और समय |
|---|---|
| धनतेरस की तारीख | 6 नवंबर 2026 |
| त्रयोदशी तिथि शुरू | 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे |
| त्रयोदशी तिथि समाप्त | 7 नवंबर, सुबह 10:49 बजे |
| 6 नवंबर को खरीदारी | त्रयोदशी शुरू होने के बाद |
| 7 नवंबर को खरीदारी | सुबह 10:49 बजे तक |
| विशेष चौघड़िया | स्थानीय पंचांग के अनुसार |
धनतेरस पर खरीदारी के लिए त्रयोदशी तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुओं को शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
धनतेरस पर दिन में खरीदारी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
धनतेरस के अवसर पर कुछ लोग केवल त्रयोदशी तिथि में खरीदारी करते हैं, जबकि कई लोग चौघड़िया देखकर बाजार जाते हैं। चौघड़िया में लाभ, अमृत और शुभ जैसे समय को अच्छे कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 6 नवंबर 2026 के लिए दिन के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार बताए गए हैं।
| चौघड़िया | समय |
|---|---|
| लाभ चौघड़िया | सुबह 7:59 से 9:21 बजे |
| अमृत चौघड़िया | सुबह 9:21 से 10:43 बजे |
| शुभ चौघड़िया | दोपहर 12:05 से 1:27 बजे |
| चर चौघड़िया | शाम 4:11 से 5:33 बजे |
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। दिए गए चौघड़िया में सुबह के कुछ समय त्रयोदशी तिथि शुरू होने से पहले आते हैं। इसलिए जो लोग विशेष रूप से त्रयोदशी के दौरान ही खरीदारी करना चाहते हैं, उन्हें तिथि और चौघड़िया दोनों का मिलान करना चाहिए।
साथ ही चौघड़िया का समय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार शहर बदलने पर अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर का पंचांग देखना बेहतर रहेगा।
धनतेरस पर रात में खरीदारी का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन बहुत से लोग ऑफिस या दूसरे जरूरी कामों की वजह से दिन में खरीदारी नहीं कर पाते। ऐसे लोगों के लिए रात के चौघड़िया मुहूर्त भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
उपलब्ध जानकारी में धनतेरस की रात के लिए निम्नलिखित समय बताए गए हैं।
| चौघड़िया | समय |
|---|---|
| लाभ चौघड़िया | रात 8:49 से 10:27 बजे |
| शुभ चौघड़िया | रात 12:05 से 1:43 बजे, 7 नवंबर |
| अमृत चौघड़िया | रात 1:43 से 3:21 बजे, 7 नवंबर |
रात में खरीदारी करने की योजना बना रहे लोग इन समयों को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि, दुकान के खुलने का समय और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना जरूरी है।
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
धनतेरस का नाम सुनते ही सबसे पहले सोने और चांदी की खरीदारी का ख्याल आता है। इस दिन सोने और चांदी के आभूषण, सिक्के और दूसरी वस्तुएं खरीदने की पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोना समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। वहीं चांदी को शुभता और शांति से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि धनतेरस के दिन लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सोने या चांदी की कोई वस्तु खरीदना पसंद करते हैं।
हालांकि, इस दिन महंगे आभूषण खरीदना जरूरी नहीं है। अगर आपका बजट सीमित है, तो छोटी चांदी की वस्तु या सिक्का भी खरीदा जा सकता है। धार्मिक परंपरा में खरीदारी के पीछे श्रद्धा और शुभ भावना को महत्व दिया जाता है। सोना या चांदी खरीदते समय शुद्धता, हॉलमार्क और बिल की जांच जरूर करनी चाहिए। केवल त्योहार के नाम पर बिना जानकारी के महंगी खरीदारी करना समझदारी नहीं होगी।
धनतेरस पर पीतल, तांबा और स्टील के बर्तन खरीदने का महत्व
धनतेरस पर बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है। विशेष रूप से पीतल, तांबा, चांदी और स्टील के बर्तन खरीदने की परंपरा कई परिवारों में देखने को मिलती है। इस दिन बर्तन खरीदने का संबंध भगवान धन्वंतरि की पूजा से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक कथाओं में भगवान धन्वंतरि के समुद्र मंथन से अमृत कलश के साथ प्रकट होने का वर्णन मिलता है। इसी कारण धनतेरस पर बर्तन और कलश जैसी वस्तुओं की खरीदारी का विशेष महत्व माना जाता है।
जो लोग सोना या चांदी नहीं खरीद सकते, वे अपनी जरूरत और बजट के अनुसार स्टील, तांबे या पीतल का बर्तन घर ला सकते हैं। धनतेरस पर खरीदारी की खुशी केवल महंगी वस्तु खरीदने में नहीं, बल्कि परिवार की जरूरत के अनुसार कोई उपयोगी चीज घर लाने में भी होती है।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना शुभ क्यों माना जाता है?
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने की भी एक लोकप्रिय परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को घर की साफ-सफाई और माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि घर को साफ और व्यवस्थित रखना शुभता का प्रतीक है। इसी भावना के कारण धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदकर घर लाने की परंपरा निभाई जाती है। झाड़ू खरीदना उन लोगों के लिए भी आसान विकल्प है जो त्योहार पर अधिक पैसे खर्च नहीं करना चाहते। हालांकि, झाड़ू खरीदने से धन में निश्चित वृद्धि होगी, ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह मुख्य रूप से आस्था और पारिवारिक परंपरा से जुड़ी मान्यता है।
क्या धनतेरस पर कार, बाइक और स्कूटी खरीद सकते हैं?
धनतेरस के दिन नई कार, बाइक या स्कूटी खरीदना भी शुभ माना जाता है। बहुत से परिवार इस अवसर पर नया वाहन घर लाने की योजना बनाते हैं। अगर आप पहले से वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो धनतेरस पर उसकी डिलीवरी लेना आपके लिए खास अनुभव हो सकता है। कई लोग वाहन खरीदने के बाद उसकी पूजा भी करते हैं।
हालांकि, नई कार या बाइक खरीदते समय केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि बजट, बीमा, रजिस्ट्रेशन, फाइनेंस और जरूरी दस्तावेजों का भी ध्यान रखना चाहिए। वाहन की डिलीवरी से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। धनतेरस पर वाहन खरीदना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जा सकता है, लेकिन खरीदारी का फैसला आपकी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार ही होना चाहिए।
धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना भी शुभ माना जाता है।
आज के समय में धनतेरस की खरीदारी केवल सोना-चांदी और बर्तनों तक सीमित नहीं है। लोग इस दिन फ्रिज, वॉशिंग मशीन, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खरीदते हैं। अगर घर में किसी नए उपकरण की जरूरत है, तो धनतेरस के मौके पर उसकी खरीदारी की जा सकती है। कई परिवार इस दिन घर के लिए उपयोगी सामान खरीदना पसंद करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते समय प्रोडक्ट की वारंटी, फीचर्स और कीमत की तुलना जरूर करें। त्योहार के दौरान मिलने वाले ऑफर्स को समझने के बाद ही खरीदारी करना बेहतर है।
धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदने का महत्व
धनतेरस के दिन दिवाली पूजा की तैयारी भी शुरू हो जाती है। इस अवसर पर बहुत से लोग माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्तियां खरीदते हैं। दिवाली की पूजा में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है, जबकि भगवान गणेश की पूजा शुभ शुरुआत और विघ्नों को दूर करने की कामना से की जाती है।
इसलिए धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है। लोग इन मूर्तियों को दिवाली की पूजा के लिए घर लाते हैं और शुभ समय में उनकी पूजा करते हैं।
धनतेरस पर साबुत धनिया, नमक और कौड़ियां क्यों खरीदी जाती हैं?
धनतेरस के दिन साबुत धनिया, नमक और कौड़ियां खरीदने की भी परंपरा है। इन वस्तुओं को कई परिवार शुभता और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं। साबुत धनिया को कुछ परंपराओं में धन-धान्य और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। वहीं नमक को घर की साफ-सफाई और नकारात्मकता दूर करने की लोकमान्यताओं से जोड़ा जाता है।
कौड़ियों का संबंध भी माता लक्ष्मी की पूजा से माना जाता है। कई लोग इन्हें दिवाली की पूजा में शामिल करते हैं। इन वस्तुओं को खरीदना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इन्हें घर लाने से आर्थिक लाभ की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती, लेकिन श्रद्धालु अपनी मान्यताओं के अनुसार इनका उपयोग करते हैं।
धनतेरस पर खरीदी गई वस्तुओं का इस्तेमाल कब करना चाहिए?
उपलब्ध धार्मिक जानकारी के अनुसार, धनतेरस पर खरीदी गई वस्तुओं को दिवाली की पूजा तक सुरक्षित रखने की परंपरा भी बताई गई है। मान्यता के अनुसार, खरीदी गई वस्तुओं को दिवाली के दिन माता लक्ष्मी के सामने रखकर उनकी पूजा की जाती है। इसके बाद उनका इस्तेमाल शुरू किया जाता है।
हालांकि, यह सभी परिवारों के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं। इसलिए लोग अपने घर की धार्मिक परंपरा के अनुसार इस विधि का पालन कर सकते हैं।
धनतेरस पर किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?
धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और यमराज की पूजा का विधान माना जाता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य से जोड़ा जाता है। माता लक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि की कामना से की जाती है। भगवान कुबेर को धन के देवता माना जाता है, जबकि यमराज से जुड़ी पूजा और दीपदान की परंपरा भी इस पर्व का हिस्सा है। इस तरह धनतेरस केवल खरीदारी का त्योहार नहीं है। यह स्वास्थ्य, समृद्धि, परिवार की खुशहाली और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व भी है।
धनतेरस 2026 पर खरीदारी करते समय रखें इन बातों का ध्यान
इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए 6 और 7 नवंबर का समय बताया गया है। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10:49 बजे तक रहेगी। ऐसे में जो लोग शुभ तिथि के अनुसार खरीदारी करना चाहते हैं, वे इसी अवधि को ध्यान में रख सकते हैं। वहीं विशेष चौघड़िया मुहूर्त देखने वालों को स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करनी चाहिए।

धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन, झाड़ू, कार, स्कूटी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन त्योहार की खुशी के लिए अपनी आर्थिक क्षमता से ज्यादा खर्च करना जरूरी नहीं है। धनतेरस का असली महत्व परिवार की खुशियों, श्रद्धा और सकारात्मक शुरुआत में है। चाहे आप सोने का आभूषण खरीदें या घर के लिए एक छोटा बर्तन, इस पर्व की खूबसूरती उस खुशी में है जो आप अपने परिवार के साथ साझा करते हैं।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध धार्मिक जानकारी, आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा बताए गए मुहूर्त और पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर तैयार किया गया है। धनतेरस की तिथि और चौघड़िया का समय स्थान तथा पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है। किसी विशेष शुभ मुहूर्त में खरीदारी या पूजा करने से पहले अपने शहर के विश्वसनीय पंचांग या स्थानीय ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करें। धार्मिक मान्यताओं को निश्चित आर्थिक लाभ या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं समझना चाहिए।
Also Read:





